छठ घाटे छोड़ेम छुड़छुड़ी पड़ाका ,अउरी अकशिया बम
अबकी त हार जइहें हमरा से काका
एक से एक हम करेम धमाका
ख़ाली ते पापा से पइसा मंगादे ,कहल करेम हरदम
बानी हम केकरा से कम ,ये माई रे
करेम धमाका दिल खोली गांव भर में
सोचूं तनी हम्ही एगो लईका बानी घर में
सभे सेयान बाटे करे मनमानी ,दम अब हम ना धरम
बानी हम केकरा से कम ,ये माई रे
पाण्डेय मुकेश भईया हँसे नाही पावस
हमरो से कमे पड़ाका उड़ावस
पापा के संघे जाई बजरिया , सुपर पड़ाका ख़रीदम
बानी हम केकरा से कम ,ये माई रे
अबकी त हार जइहें हमरा से काका
एक से एक हम करेम धमाका
ख़ाली ते पापा से पइसा मंगादे ,कहल करेम हरदम
बानी हम केकरा से कम ,ये माई रे
करेम धमाका दिल खोली गांव भर में
सोचूं तनी हम्ही एगो लईका बानी घर में
सभे सेयान बाटे करे मनमानी ,दम अब हम ना धरम
बानी हम केकरा से कम ,ये माई रे
पाण्डेय मुकेश भईया हँसे नाही पावस
हमरो से कमे पड़ाका उड़ावस
पापा के संघे जाई बजरिया , सुपर पड़ाका ख़रीदम
बानी हम केकरा से कम ,ये माई रे

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