बुधवार, 28 सितंबर 2016

अभिले सइयाँ ना आयो रे || भोजपुरी लोकगीत || डॉ मुकेश पाण्डेय

अभिले  सइयाँ  ना आयो रे 
कवन रुपइया  कमायो रे 
हमरा उनका से दूर भईले  , बीतल  महीना कई साल 
हमार  सइयां  ना अईले रे  ,     हो गईल हमरो  बुरा हाल 
Dr.Mukesh Pandey


अंगूरी प गिनी - गिनी मारीं  अरमान के 
गईनी दुवारे हम त  कतना  भगवान  के 
नाता जे हमसे  छोड़ायो  रे , 
जीते-जी हम मर जाओ रे 
हमके अतना सतइलें  रे , हमार धँसल बा देख दुनु गाल 
हमार  सइयां  ना अईले रे  ,      हो गईल हमरो  बुरा हाल 


रोज़  दरवाज़ा खोलीं ,हम त  इतराई 
मन में बसाईं हमार सईया  आजु आई 
खाना -पीना कुछ ना खायो रे 
उनके फ़िकिर दुबरायो    रे
काहे अतना रोवइलें  रे , भईल बा भीख़ईन  के हाल 
हमार  सइयां  ना अईले रे  ,      हो गईल हमरो  बुरा हाल  



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